[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
कविताएँ
Home
Category
कविताएँ
हर ना मान ऐ इंसान
हार ना मान, ऐ इंसान। अभी तुझ में बची है जान, क्यों है तू इतना परेशान? हार ना मान, ऐ इंसान। हर समस्या का है निदान, मेहनत ही है तेरी पहचान�
read more >>
कहां जाऊं?
कहां जाऊ? किधर जाऊं ? किसे सुनाऊं ? किसे बताऊं? अपने दर्दे दिल की दास्तान, ना कोई सुनने वाला, ना कोई समझने वाला। जिंदगी में जो भी मिला,
read more >>
"मेहनत का जादू"
लक का तो पता नहीं, पर किस्मत भी झुक जाती है हौसलों के आगे, जो चलते रहते हैं चुपचाप, मंज़िल लिख देती है उनका नामे-भाग्य के पन्नों पर। धूप
read more >>
मत करो हिंदू मुसलमान
मत करो तुम हिंदू मुसलमान, दोनों के रगों में है लहू एक समान । दोनों ही हो भारत मां की संतान, मत करो तुम हिंदू मुसलमान। साथ पले तुम साथ बढ
read more >>
आज जिंदगी को पीछे मुड़कर देखा
आज जिंदगी को पीछे मुड़कर देखा हमने, क्या खोया और क्या पाया है हमने? कि बेशक ऐ दोस्त तुझसे कम कमाया है हमने, पर अपनी तरक्की के लिए, किसी �
read more >>
जो अगर शौक कम होने लगे
जो अगर शौक कम होने लगे तुम्हारे, समझो बुढापा आने लगा है। अपने से ज्यादा अब तुम्हें, ख्याल औलादों का आने लगा है। इस कदर अपने शौकों को य�
read more >>
ডাৱৰ
যদি সাগৰেই নেথাকে ঢৌ হৈ তুমি কাৰ বুকুত খেলিবা। যদি আকাশ খনো নোহোৱা হৈ যায়, ডাৱৰ হৈ কাৰ কোলাত জিয়াবা।
read more >>
मिलते नहीं
आज मेरी कविता की लय मिलती नहीं, खो गई कहीं मन भी आज धुंधला है, रंगत उसकी खो गई कहीं। शब्द भी मेरे गुम हैं कहीं मिलते नहीं, भटकते हैं सभी �
read more >>
শেষতেই আৰম্ভ হয় জীৱনৰ জখলা
শেষতেই আৰম্ভ হয় জীৱনৰ জখলা আশাৰ ৰেঙনি সৃষ্টিৰ নৱ বতৰা হেতা পৰা দুটি ওঠঁত থাকে ক'ত যে পাইয়ো হেৰুৱাৰ অলেশ বেদনা। পুৱাৰ শেৱালীৰ সুবা�
read more >>
हमने एक होने का वादा किया था,
আজিওঁ বিচাৰো সেই জোনাকী পৰুৱা জাকক বি..ষণ্ণ মণৰ ধূসৰত পোহৰৰ মায়া বিলোৱা ........ কিযে মধুৰ। তোমাৰ মণত আছেনে? দুয়ো এক হোৱাৰ প্ৰতিশ্ৰুতি দ�
read more >>
সৃষ্টিৰ নৱ বতৰা
তুমি গান, তুমি সুৰ মন জুৰোৱা মলয়া নতুন পৃথিৱী গঢ়াৰ সপোন, সৃষ্টিৰ নৱ বতৰা।
read more >>
বিষাদৰ অৱসাদ
এইয়া মোৰ শেষ ক্ষণ য'ত প্ৰেমৰ ঢৌবোৰ সিঁচৰিত হৈ বিয়পি পৰিব , কোনোবাজনৰ বিষাদৰ অৱসাদ হৈ।
read more >>
« Previous
Next »
Showing
301
to
312
of
6966
results
‹
1
2
...
23
24
25
26
27
28
29
...
580
581
›
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder