छम छम बहता,
झरने का पानी,
टप टप गिरता,
झरने से पानी,
कुछ फूल बड़े सुहाने,
पानी में खिल खिल जाये,
कमल और महड़,
कितने सुंदर कितने प्यारे,
जब read more >>
आसमां में छाया बादल हैं,
काली काली घटा,
धूप का ना साया हैं,
चल रही हैं ठंडी- ठंडी हवा,
कितना मस्त नजारा हैं,
नन्हीं -नन्हीं बूंदें आई,
कित read more >>
(दोहा छंद)
जरा जरा सी बात पर, हो जाती है खार।
संयम वाणी पर रखें, फिर होती है प्यार।।
जरा जरा सी बात पर, कर लें हम सब ध्यान।
दे सकते हैं सीख read more >>
यत्र_तत्र_सर्वत्र माता की ही तेज है,
माता से ही जीवन में नित खुशियां है।
जन्म_मरण सब तुझ से ही है जुड़ा,
सारे विधि का विधान भी तुझ से ही � read more >>