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Kahu kya,sunu kya, sochti hu main Jeevan ka bo pal, sochti hu main Ma ki ladli,papa ki dulari Kahani ek ladki ki duniya se nyari Angan me gunjati koyal si kilkari, Na janti duniya ke rang sare, PTA na chla kab bdi ho gyi, Jmane najar kb use lg gyi, Chhod kar ma bap ka Ghar,peehar se chli gyi, Mita ke pahchan khud ki,pati ke nam se jani read more >>
समझ सका है कौन यह, होता क्यों तकरार। बात-बात में ही करे,लोग आज के मार।। कोई समझ न यह सके, कलियुग का यह खेल। जलते जन-जन मेल पर,देते read more >>
कोई ऐसी भी दवाई बना दे कोई ऐसी भी दवाई बना दे कोई ऐसी ख़ुराक खिला दे खाते ही कुछ भी याद न रहे अच्छी हों या बुरी बस बीती सारी यादें भुला दे read more >>
बचपन की दौड़ बचपन से ही एक दौड़ लगी थी जिंदगी को बचाने की कुछ पाने की कुछ आजमाने की होड़ लगी थी…… कुछ सपने पाले थे कुछ अलग करने की कुछ अ� read more >>
जीवन का सच जिंदगी में हर पल खूबसूरत नहीं होता, बनाना पड़ता है यहाँ कड़वी दवाई भी पीनी पड़ती है यहां मीठे ज़हर को भी आजमाना पड़ता है …………… � read more >>
शब्दों की कीमत आज फिर लिखने का मन है आज फिर बिकने का मन है फिर सोचता हूं……. क्यों लिखूं ? क्यों बिकूं ? कोई खरीदने को तैयार नहीं मेरे श read more >>
यादें - बचपन की यादों के उन उधड़े चिथड़ों को आज भी फिर से जीना चाहता हूं आज फिर से उस बचपन को जीना चाहता हूं...... कितना आनंदित था मैं न सोने read more >>
मेरी सच की दुकान कभी मैंने भी एक दुकान लगाई थी बड़ी शिद्दत से सजाई थी….. कुछ ख़्वाब रखे थे कुछ ख्याल रखे थे कुछ सपनों के कोने थे कुछ खुशि read more >>
कुछ सवाल - कुछ जवाब न कोई कलम, न कोई किताब, रखता हूं पल भर की जिंदगी है यह सोच न कुछ लेने का, न कुछ देने का, हिसाब रखता हूं........ न अलीशान महलो� read more >>
मजदूर हूं पर मजबूर नहीं मजदूर हूँ पर मजबूर नहीं पत्थर तोड़ता हूँ पर दिलों को जोड़ता हूँ जाड़े की ठण्ड में ठिठुरता हूँ तपती धूप में झु� read more >>
ऐ जवानी जरा रुक तो अभी तो तेरी आहट गूंजी ही है, कहना तो बहुत कुछ है तुमसे मन की बात मगर..... अभी तू कहां राज़ी है। ये इल्म तो था कि तू अभिम� read more >>
ढोल नगाड़े बज उठते है ,जब कुल दीपक घर आता है , वंश परंपरा की अगली पीढ़ी में,एक नया नंबर जुड़ जाता है | बेटा ,माँ का दुलारा ,नैनों का तारा , भाई ,ब read more >>
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