बच्चें मन के सच्चे...
बचपन में याद है …..
अब इस तरह का आशीर्वाद कम ही मिलता है…..
जब कोई रिश्तेदार व परिवार वाले हमारे घर आते थे
तब फल व ख� read more >>
एक समय की बात है, एक गाव में रोहन और उसके बेटा शिव रहता था। शिव पढने में भूत तेज था। शिव जब भी स्कूल जाता था अपने पापा के सबसे पहले परनाम क� read more >>
एक प्यासा आदमी एक कुएं के पास गया,जहां एक जवान औरत पानी भर रही थी. उस आदमी ने औरत से थोड़ा पानी पिलाने के लिए कहा खुशी से उस औरत ने उसे पान� read more >>
प्रेम का एक अटूट बंधन... पति पत्नी के बीच प्रेम क्या होता है कोई विजेंद्र सिंह राठौड़ से सीखे ! यह कहानी अजमेर के निवासी विजेंद्र सिंह राठ� read more >>
दोस्ती एक ऐसा शब्द है जिसके लिए शायद शब्द भी कम पड़ जाय, पर मैं डरता हूँ दोस्ती करने से ऐसा नहीं है कि विश्वास नहीं रहा पर कुछ बचा भी नहीं read more >>
वो दिन,, जो भूले न जा सके,,
जब हम स्कूल में पढ़ते थे उस स्कूली दौर में निब पैन का चलन जोरों पर था..!
तब कैमलिन की स्याही प्रायः हर घर में म� read more >>
*लकिरी पहेलियां*
*_कभी-कभी अनीश निकेतन की बालकनी में बैठ जाता हूं, और घंटो देखता रहता हूँ, अपने हाथों की हथेली की लकीरों को जो खिंची है। � read more >>