आए हैं हम-
इस फागुन में अपने गांव,
एक अर्से के बाद!
खुशबू जो आ रही है मदमाती-
ये मंजरिया से आम की बगिया से,
गुजर रही है ये बसंती हवा ये बया read more >>
धूम तेरी- धूम तेरी- धूम तेरी है
इस जहाँ मे, धूम तेरी है।
जहा भी में देखु
वहा भी तस्वीर तेरी है।
मेरी ही क्या
सारे जहाँ की नजरों मे, तस्वी� read more >>
दुश्मन ना करे दोस्त ने ओ काम किया है
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हो दिवानगी का तुने एतबार किया है।
दुश्मन ना करे दोस्त ने ओ काम किया है।
हमको संकट में छोड़कर अ read more >>