सलाम-ए-कायनात-ए-कमाल को
तू है कामिल रचा-ए-हयात को
ये अर्ज़-ए-नियाज़-ए-मुहब्बत भी क्या है
बढ़ा दे तू अब मेहर-ओ-सौग़ात को
सलाम-ए-कायनात-ए-� read more >>
सपनों से किया प्यार..
रचना -प्रतिभा खडेकार
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,,,,,,,,, सपनों से किया प्यार
,,,,,,,,, अपनों ने दिया है ठुक� read more >>
गीत(मुखड़ा)
मेरे मन के अंँधेरे में, तू ही तो रोशनी है
जीवन के हर मोड़ पर, तेरी ही बंदगी है
दिल की आंँखों से देखूंँ, बस तुझको हरदम
तू ही म� read more >>
अजनबी चेहरा भी ।
कुछ कहता है !!
जीन्हे दर्द होता है !!
उन्हें याद रहता हे !!
चोट वक्त की............!!
लगी हो दिल पे समां
ठहरा रहता ............!!
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क्यों नहीं रही याद ,
अब वो बातें .......,!!
जब होती थी !
अपनी छोटी छोटी मुलाकातें ......!!
मेरे मेहरबां मेंरे साथी ......!!
छोड़ दे मुझे अब सताना
यों,ह� read more >>