एक मरा हुआ देखत सोच रा, मै तो आज घर राम के चला।
पर पीछे से ये क्या हो रहा, मेरा परिवार सारा रो रहा।
मेरा घर चौपाल आज बना हुआं, हर कोई भला - � read more >>
राम की राह देखत - देखत, पुष्प सजावत रोज है सबरी ।
राम के नाम को जपत - जपत, बैर को खावत रोज है सबरी ।
राम के नेह में डूबे - डूबे, पंत निहारत है read more >>
शब्द - शब्द मे समझ छुपी, पर समझ न पाए कोए ।
वो शब्द ही क्या शब्द है, जिसे समझ जाए हर कोए ।।
कवि शब्द -शब्द मैं कह गए, रटत बनत न बात ।
बात - बनत� read more >>