युग- युग ने यह गीत गाया, अत्याचारी कभी बच नहीं पाया ।
जिस ने किया अत्याचार उसको पड़ी समय की मार ,समय कभी राम बनके आए ,ना माने अत्याचारी पु read more >>
बाबा तू ही सहारा है मेरा,
ये दुनियां बड़ी मतलबी है,
इस मतलबी दुनियां में एक तू ही अपना है मेरा,
बाबा और क्यों भटकूं दर बदर मैं,
जब तेरे चर read more >>
मेरी शेरावाली माँ,
तेरे भजनों हर सुबह ....हाँ......2
भक्तिमय बन जाए,मेरे घर का आंगन ।
मेरे घर......हो.........
दीप जलाए, नने ....2.....नने
हाथो से ....ब read more >>
उस की उम्र ही क्या थी जो वो आज कमाने चला गया
थी घर के जिम्मेदारियों का बोझ उस को निभाने चला गया
कोई भूखा ना सोए उस के घरों में ये सोच के व read more >>