जिनकी मुस्कान में संगीत था
चले आज
वो ये देश छोड़ के यादें
तो उन की इस भारत
रत्न में बसी हे यह के
हर एक कण–कण में उन का संगीत
बसा है । Mi read more >>
ऐ देश मेरे तुझे नमन
दूजा न देश कोई तुझ सा महान,
बहती गोद में जिसके हर पल गंगा यमुना की धार।
कण-कण में यहां भगवान् बसा है,
धरती ने इसकी वे� read more >>
संविधान की रक्षा हेतु ,हमें सजग हो जाना है |
देश की नई युवा पीढ़ी को, एकजुट हो जाना है ||
जाति धर्म के भेदभाव को ,जड़ से हमें मिटाना है |
राष्ट� read more >>
बहुत दिनों जो थें परतंत्र ,
लड़ी लड़ाई हुएं स्वतंत्र ,
लागू हुआ है तब जनतंत्र ,
भारत बना‌ है अब गणतंत्र।
इस शुभ दिन की चाह में ,
देशभक्� read more >>