मेहनत न करूं ,
फिर तो पसीना नहीं आता ।
बिना पसीने के हवा में बैठ सकूं ।
आखिर कब- तक यूंही बैठ सकूंगा।
मुझे ही नहीं, कोई दूसरे भी होंगे।
ज� read more >>
सपनों से किया प्यार..
रचना -प्रतिभा खडेकार
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,,,,,,,,, सपनों से किया प्यार
,,,,,,,,, अपनों ने दिया है ठुक� read more >>
क्या यह सच है
जो अपने होते हैं....!!
उन्हें ही कुछ भी बोल देना है....!!
अक्सर कुछ लोग दर्द देने के
बाद कहते हैं तुम अपने थें
इसलिए तुम्हें बो� read more >>