मन के सच्चे, मनमौजी, अलमस्त बेगाना। नीचे सोते, बिस्तर से उठते, मां का जबरन नहलाना।
मिठाई मन की मुराद, खाने की न देर।
खिलौना पूंजी आगे, कह� read more >>
तीसरी अदालत क्या है
हां मेरा खुद का एक अदालत है।
जिसमें मैं खुद एक गुनाहगार होता हूं।
और मेरी भावनाएं वकील होती है।
और मेरी अंतर� read more >>