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जग के माया जाल
जग के माया जाल में, सभी लगे हैं आज। सुख सुविधा के खोज में, भरते हैं परवाज।। जग के माया जाल का,लम्बी है दास्तान। सदियों से उलझे सभी,कोई न�
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*प्रेरणास्पद कहानी..✍🏻* 💐*संघर्ष में छिपा रहस्य*💐 🎊सपनों का सौदागर......करण सिंह🎊
★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★ *प्रेरणास्पद कहानी..✍🏻* 💐*संघर्ष में छिपा रहस्य*💐 🎊सपनों का सौदागर......करण सिंह🎊 ★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★ 👌 *एक �
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"पवित्र प्रेम"
जेहन में समाया है, रुखसत के वो पल। लहरों में बहाता हूं, मैं तन्हा-यादों को। नाकामयाब हूं, बसी है याद तेरी इस तरह। जैसे-खुदा की इबादत।।
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नारी शिक्ष|
देखो मत अब देर लगाओ फौरन यहां दौड कर आओ रुके काम को आगे बढाओ नारी को शिक्षित सबल बनाओ जितनी देर इस काम में होगी उतनी हानि इस देश की होग
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आगे निकलने का
लगता है निराश हो गया है, कुछ तो वजह होगी? खैर छोड़ो कोई बात नहीं। लगता है कुछ ज्यादा ही, मगरुर हो, नहीं तो, तुम्हें भी पत्ता होता, अब क्या
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इतनी सी गुज़ारिश है
इतनी सी गुज़ारिश है किसी बेज़ुबान को मत सताओ सुबह शाम बस इक रोटी इन लावारिस कुत्तों को खिलाओ - त्रिशिका श्रीवास्तव ‘धरा’
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"शूरवीर"
अपने पर जीत हासिल, करे वो शूरवीर। उसी के वश यह शरीर, शेष मन के गुलाम।। मोती-
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"प्रेरणा"
असफल होना बड़ी बात नहीं है। असफलता को- स्वीकार करना बड़ी बात है। अगर हमने- स्वीकार नहीं किया। तो चलना सीख जाएंगे।। मोती-
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"तारणहार"
कण-कण में बसता, जग में व्यापक वो। रहता सबके अंदर, वहीं नीयता तारणहार।। मोती-
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"प्रकृति मनोरम"
अद्भुत प्रकृति मनोरम, गुलशनें हैं बहार। चहकता महकता चमन, इश्क है बेपनाह।। मोती-
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शायरी
जन्नत चाहते चाहते जहन्नुम मुक्कमल हो गई नसीबा खुब खाक झेला हमने जो जीना भी मौत से बद्तर बन गई।
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कभी तो
कभी तो अंधेरा हटेगा कभी तो रौशनी मिलेगी कभी तो खुसियां मिलेगी तब गम शर्माकर मुहं छुपा लेगी । कभी तो तन्हाईयां महफ़िलें होगी अपनी भी
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