[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
समाजिक
Home
Sub-Categories
समाजिक
सारी खुशियां तब मिले-साथी बनें गरीब का
(मुक्तक छंद) सारी खुशियां तब मिले, बढ़ते खूब प्रताप। समय बड़ा बलवान है,शुभ शुभ रहिए आप। साथी बनें गरीब का,उनको दें अति प्यार_ चाल चलें य
read more >>
समय सही यदि नित चले-मिटता कभी न शान
(मुक्तक छंद) समय सही यदि नित चले, मिटता कभी न शान। समय बड़ा बलवान है,इनसे ही है मान। रहे मनोबल दृढ़ सदा,साहस हो तब पास_ मुश्किल सब को पार �
read more >>
समय बड़ा बलवान है-करें नहीं यूं व्यर्थ
(मुक्तक छंद) समय बड़ा बलवान है,करें नहीं यूं व्यर्थ। साथ समय के जो चले,समझे जीवन अर्थ। मिले समय का साथ तब,करें सदा सम्मान_ सुख दुख पहलू �
read more >>
परिवर्तन-जीवन में परिवर्तन अवश्य करें परंतु एकदम अचानक से कोई नया प्रयोग ना करें
जीवन में परिवर्तन अवश्य करें परंतु एकदम अचानक से कोई नया प्रयोग ना करें हर व्यक्ति मानसिक रूप से परिवर्तन की आवश्यकता महसूस करता है ल�
read more >>
स्वयं को समय दें-अपने आप को निराकार बनाएं साकार बनाएं
हमेशा सबकी नजरों में ना आए दिखने वाली योजना बनाकर आप खुद को दूसरों के सामने अपने आप को निशाना बना लेते हैं दूसरों को दिखाने के बजाय आप ख
read more >>
जीवन मरण-जीवन रूपी यात्रा में कहां विश्राम मैं पाऊंगी
जीवन रूपी यात्रा में कहां विश्राम मैं पाऊंगी !यह तो मुझे पता नहीं है! चंद लफ्जों में मेरी बात कहां सिमट ने वाली है! अपने शब्दों में इस
read more >>
अपनों से मिलना रहे- मन में अति अनुराग बरसे सावन झूम के
(मुक्तक छंद) अपनों से मिलना रहे, मन में अति अनुराग। बरसे सावन झूम के,लगे रंगीन बाग। भक्ति माह है यह अभी,भक्ति भाव में लोग_ भोले की महिमा
read more >>
वसुन्धरा है मग्न-हरी चुनरिया ओढ़कर धरती लगती खूब
(मुक्तक छंद) हरी चुनरिया ओढ़कर,धरती लगती खूब। सावन जल बरसे अभी,चमक रही है दूब। काले बादल मस्त है,वसुंधरा है मग्न_ जो देती है अति खुशी,चा
read more >>
प्रयास-असफलता से कह दो अभी हारा नहीं हूं मैं
असफलता से कह दो अभी हारा नहीं हूं मैं अभी जिंदा हूं अभी टूटा नहीं हूं मैं फिर से उठकर लड़ने की ताकत है मुझमें एक बार तुम्हें हराकर जीतने
read more >>
हालात- हालात क्यों न बिगड़ते जाए तुम अपनी मुस्कान बनाए रखना
चाहे जीवन में लाख तूफा आए हालात क्यों न बिगड़ते जाए तुम अपनी मुस्कान बनाए रखना इन हालातों से उठ कर अपने आप को कुछ यूं सजाए रखना
read more >>
एहसास-तुम यूं ना खेलो मेरी भावनाओं से
तुम यूं ना खेलो मेरी भावनाओं से कुछ जज्बात बिगड़ते जाएंगे समझो मेरी हालातों को शायद दिल की हालात बदल जाएंगे
read more >>
संध्या बेला- जब जीवन की संध्या बेला आएगी
जीवन के इस मोड़ पर मुझे साथ तुम्हारा चाहिए चाहे कुछ भी ना हो जीवन में पर प्यार तुम्हारा चाहिए जब बसंत के बाद जीवन में पतझड़ का मौसम आ�
read more >>
« Previous
Next »
Showing
1873
to
1884
of
5583
results
‹
1
2
...
154
155
156
157
158
159
160
...
465
466
›
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder