जहर जिंदिगी का एक साल और कट रहा है,
है कोई जो हम से अलग बट रहा है।
वो दौलत लूटे मेरी तो क्या गम होता,
में फकीर हूं ये दुःख मुझे अंदर से चाट � read more >>
एक घुंट शराब ,ओर मेरे रंगी ख्वाब
फिर बदले से दिल के हम नवाब,
हु........2
अब देखो जरा,
ये जानी-पहचानी सी कौन है।
मेरी सुबहाँ की अंगडाई मे,
मु� read more >>