हमसे कहों न दिल्लगी तुम्हीं से
,,,,,,,,,,,,,,,,,, प्रतिभा खडेकार
हमसे कहों न दिल्लगी तुम्हीं से
मर मिट जावे सहना सा ये साया...
लहंगे दा विच रुपया read more >>
मे लब हूँ, मेरी बात तुम हो
मै तब हूँ, जब मेरे साथ तुम हो
मैं नींद हूँ, मेरा ख्वाब तुम हो
मै नशा हूँ, मेरा सवाब तुम हो
मै सवाल हूँ, मेरा जवाब read more >>
नज़रें चुराते हुए उसने कहा था
"तुम्हारी आँखों में नहीं देखूँगी
कहीं डूब गयी तो ...."
वह तो उतर गयी पार किसी के काँधे
मगर मैं डूबता रहा पल � read more >>