मंजिल का पता है न ज़माने की खबर है।
हर ग़म से अन्जान हूँ वे खौफ नज़र है।
आज जो मै खडी हूँ आप सब के सामने
ये सब मेरी माँ की दुआओं का असर है।
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तकदीर लिखने वाले ने तो कोई कमी नही की |
अब लिखते समय हाथो से कलम ही टुट जाये तो
कोई क्या करे।
सफर में साथ तो सभी चलते है मगर हाथो से सनम क� read more >>
लाख इल्जाम लगा मगर ' वेवफा हम नही |
सजदे करते कदमो की धुल को तेरे हम ।
तेरा दीदार भी हमारे लिये कम नही ॥
हम तो मर कर भी तुझे चाहेगे इस खुदा read more >>
याद आया हम तुमसे , बहुत पहले मिले ,जिंदगी बन गए थे , बहुत पहले तेरे
तोड़ ना देना मेरे प्रेम का,
वह पुराना दिया,
जिसमें हम तुम जले थे,
एक स read more >>