...कायरता / अंदाज...
मोहब्बत करना ,
तो सीखा
ना सीखा ,
करना इजहार...!
कोई इसे ,
कायरता कहे
तो कोई ,
कहे अंदाज...!
चिन्ता नेताम " मन "
डो� read more >>
ना वह समझे....
ना मैं कुछ उन्हें....समझा पाया...
वह गिरे शक की खाई में जाकर ऐसे
कि ना....मैं.....उन्हें उठा पाया....
बिखरते रहे ईट पर ईट शब्दों के
फ� read more >>
न जाने आज कितनों को चाँद के आने का इंतजार है,
चाँद भी आज इतनी आसानी से प्रकट होने को नहीं तैयार है ,
चाँद को भी पता है की हमेशा उसका होता न read more >>
ओ मेरे महबूब - ओ मेरे महबूब
तू याद आने लगी है खूब
ये घर ये संसार सूना -सूना
क्या आप ने दिल की आवाज सुना
आप से घर का हर कोना -कोना
चमके बनके � read more >>
हमने ये माना है, तुझको ये जाना है।
मेरे ये मानने से ,तुझे ये जानने से ।
मै तेरे दिल में हूं,तू मेरे दिल में है ।
ना तेरे चैन में, ना मेरे व� read more >>