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प्यार-महोब्बत
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प्यार-महोब्बत
Writer by iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
मोहब्बत में उम्मीद लगाए बैठे हुए थे लोग मिल ही जायेगी,लेकिन किस्मत शिकस्त दे गई।
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Writer by iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
शुक्र है मरने के बाद ही जन्नत मिलती है,अगर जिंदे में मिल जाती तो लोग आग लगा देते।
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Writer by iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
लोगो को जब मोहब्बत होती है तो बादशाह जैसी मगरुर होने लगता है,लेकिन बादशाह से फकीर होने में देर नहीं लगती।
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Writer by iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
पैसे ने ही वफा खत्म कर दी है लोगो की,वरना मोहब्बत तो एक वेबह से भी की जाती है।
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Writer by iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
कहां तक वफा करू मैं, क्योंकि अब लोग भी पैसों को वफा समझ ने लगे है।
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Writer by iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
अब इंसान का कोई इज्जत नही रहा,क्योंकि अब इंसानों से ज्यादा पैसों का इज्जत होने लगा है।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
खुदा मैने तुम्हें बहुत मोहलत दी लेकिन तुम ने मुझ से ही बगावत कर के अपनी मौत को भूल गए।
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आंखों की भाषा
मैं आंखों से कुछ बोलूं क्या कुछ गम को हल्का कर लूं क्या तुम नैनों की भाषा पढ़ लेना मन ही मन सब समझ लेना मैं कहने में कुछ असमर्थ सही तु
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Writer by iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
मदद करने के लिए बोलो तो कोई नही करता है।लेकिन पहचान दिलाने के लिए कह दो तो पूरा खानदान का कॉलिटी बताने लगता है।
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मेरे हमदम
बड़ी मुश्किल से दामन बचाकर आया तेरे पास मिला न तुम मुझे ,मिली हमे मौत
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तुझसे
दिल बार - बार तुझसे यही इल्तिज़ा करे दूर जाना हमसे ,पर अपने दिल में पनाह हमें ही देना। धन्यवाद
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Writer by iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
सब एक दूसरे के बुराई में लगा हुआ है,लेकिन अपने किरदार के दाग को छुपाए हुए है।
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