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वो वक़्त ही कुछ और था जब हम तुम्हारे साथ थें हसरत थी कितनी ....!! तुमसे मिलकर तुम्हें गले लगाने की पर देखो ना सबकुछ बदल गया....?✍️ धन्यवा� read more >>
मुददते लग गयी हमे खुद को उनके काबिल बनाने में। वक्त बदला ऐसा की वो मोसम भी बदल चुका था । वर्षों रखी हमने अपने दिल में वो प्यार की शमा� read more >>
तुझ्या नांदात ये पोरी... ,,,, प्रतिभा खडेकार 🎼🎼🎼🎼🎼🎼🎼🎼🎼🎼🎼 ,🤴,,,,,,,नेहरूंनी बघे मन हे पाखरा... ,,,,,रात्रंदिवस फाडतो तुझ्या करता वाकडा ,, read more >>
" सच और झूठ " के दिवार में मैं आज फिर से उलझ गयी, वो दोनों गलत नहीं शायद आज मैं ही गलत बन गयी.. कहते है कि सांप ने कांटा तो सवाल नहीं करते, आज read more >>
नहीं आता मुझे इश्क़ जताना पर प्रेम तुमसे ही हैं नहीं आता कसमे वादों को निभाना पर जो है जैसा है तुमसे ही है नहीं देख पता जी भर तुम्हे� read more >>
प्रतिध्वनि… मैं पुकारता हूँ तुम्हें , पूरे अंतर्मन की शक्ति लगाकर , पर किसी कठोरता से टकराकर , लौट आती है ध्वनि मेरी , प्रतिध्वनि बनक� read more >>
*"वक़्त की स्याही में लिपटी ज़िंदगी"* किसी ने आज हंसकर पूछा, "कौन है वो.?" हम भी मुस्कुराए, मगर जवाब यूँ दिया— "किसी के कानों की बाली में जड़� read more >>
घाट का एक ख़ामोश पत्थर हूँ मैं, मैंने नदी के हज़ार नखरे देखे हैं… कभी लहरों की हल्की छुवन, तो कभी बाढ़ के ग़ुस्से देखे हैं… कभी किसी न� read more >>
नील गगन के नीचे, जलधारा के बीच, एक नाव चली, बहती रीतम - रीत। नाव की देहरी पर बैठी कोई, मानो स्वप्नों से आई जलपरी। नयनों में गहराई, लहरों-� read more >>
बताओ कौनसी किताब लिखूं सितारों की महफिल में सबसे अलग लगाती हो तुम आंखों में लगी काजल और खुले बाल में लाजवाब लगती हो तुम बताओ तुम पर क� read more >>
तेरी यादों का साया अब भी मेरे साथ है, हर लम्हा बस तेरा एहसास है। चाहा भुलाना तुझे इन रातों की तरह, पर दिल में तू ज्यों कोई जज़्बात है। ह� read more >>
घट्ट मिठीत बांधते हे चांदणे, चंद्रा घरी नांदते विना स्वप्नांचे, डोळे जणू दिसे वांझटे. चंद्राच्या स्पर्शात उजळते संध्या, तुझ्या आठव read more >>
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