Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
आखरी खत-1 उसने एक बार फिर बावर्चीखाने में बडे़ करीने से रख्खी लहसुन प्याज की टोकरी को उतारकर;उसमें रख्खें मल मल के कपडे़ के नीचे से चा� read more >>
मिलन... जागकर रात विताऊं , या ...यूहीं लौट जाऊं, कैसे कहूं ये चांदनी, तुझे कैसे पास बुलाऊं., तुझसे मिलने को आतुर मैं, खुद के साये से डर जाऊं read more >>
क्या? लिखूं कि ये शाम गुजर जाये,। सोचती ,हूँ, आंख ही बंद ,कर ,लूं, और ,ये ,हालात सुधर जाये,। बहुत,निहारा ,चाँद ,एक,। मजाल ,कि ,ये याद ,मिट ,जाये,� read more >>
विस्तार... कहीं किसी रोज उस किनारे के उस पार वजती है सुमधुर ध्वनि, र्कणप्रिय लिए विस्तार करती मन के संताप दूर शनै शनै...! जब भी उठती ह्द� read more >>
तुम्हारे हिस्से की वह हरी,पीली, लाल, काली,चूड़ियों के वे टुकडे़ आज भी रखे है ...! तुम्हारे लिए... जिनके लिए तुम लड़जाया करती थीं, अपने तेज read more >>
ढलती शाम...शीर्षक कौतुहल से दूर ढलती संध्या , समेटती प्रकृती अपने करतलों को...! घर जातीं गाय धूल उडा़ती , बछडो़ को पाने सुख रभांती ..! आसम� read more >>
लड़का:- उफ़्फ़ क्या दिलकश नज़ारा हैं कितना प्यारा अच्छा लगता है बरसात के बूंदें हल्का - हल्का हल्का - हल्का धूप उफ़् read more >>
मुफ्त मिली हुई हर चीज तुम्हें सिर्फ दर्द देगी लेकिन खुशी नही जिसे मोहब्बत कहते है। read more >>
जमीन से आसमा तक सिर्फ तुम्हें खुदा ही पहुंचा सकता है।लेकिन लोग तुम्हें नीचे से उपर नही डायरेक्ट उपर भेज देंगे। read more >>
तुम अपना हक तुम खुद ही हासिल करो कोई तुम्हें देना नही चाहेगा।क्योंकि यहां बिना मांगें लोग फकीर को पैसा नही देते है तो तुम्हारी हक तु� read more >>
कुल्लु नफ़्सिन ज़ाइक़त-उल-माैत सोंचा तुम्हें याद दिला दूं तुम्हारी अकड़ कम हो जायेगी। read more >>
माँ के वजूद से ही तुम्हारा वजूद पैदा हुआ है। लेकिन बही माँ तुम्हारी सादी होने के बाद तुम्हें बोझ लगने लगती है। read more >>
Join Us: