धूम तेरी- धूम तेरी- धूम तेरी है
इस जहाँ मे, धूम तेरी है।
जहा भी में देखु
वहा भी तस्वीर तेरी है।
मेरी ही क्या
सारे जहाँ की नजरों मे, तस्वी� read more >>
अपनों से दगा न करने की क्या खूब सजा पाई है, हमने
उन्हें खोकर ये कीमत चुकाई है हमने
अब तो किसी को हाल-ऐ-दिल-दिल कहने से भी हम हिच-किचाते है� read more >>
किसी को मिल गयी मंजिल तो कोई आज भी तलाश में है।
किसी को मिला समंदर ,तो कोई आज भी प्यास में है।
तू देखता है किसी को आस्क भरकर,
हम तो आज भी त� read more >>
बीत गया वो वक्त जब इश्क को खुदा की अमानत,
समजकर अपनी मोहब्बत को बया करते थें !
आज कल की पिढी का तो कूछ और हीं चल रहा है ,
दिलं से दिलं तक नह read more >>