तेरे चेहरे सा चमक कहाँ उस चाँद में है,
तुझसे रोशन है ये दुनिया,
और रोशन वो चाँद है ।
तेरे जुल्फों सा अंधेरा ना घटा कि काली रात में है,
तु� read more >>
दिन हो या रात हो,
बस तुझसे बात हो।
धूप हो या छांव हो,
बस यूं ही मुलाकात हो।
गर्मी हो या बरसात हो,
खत्म न ये जज्बात हो।
उम्र भर यूं ही बस प read more >>
मैंने सपनों की छोटी सी गली में, तेरे नाम का दिया जलाया,
सोचा था सात फेरे ले कर, तुझे अपने घर ले जाऊँगा।
मन में था सीधा‑सादा सपना, तेरा हाथ read more >>
कहीं एक खालीपन था, जो भर नहीं पाया,
एक चेहरा अपना–सा था, जो सच में अपना बन नहीं पाया।
सुबह की पहली धूप में भी तेरी ही कमी सी लगी,
भीड़ के ब� read more >>