वह हसीन शाम आज भी मेरे जेहन में उतर जाती है और अपनी रसमयी ताजगी से मुझे तरोताजा करती रहती है। ठीक से तारीख तो याद नहीं है लेकिन उस हसीन श� read more >>
न जाने क्यों अब अपनी परिस्थितियों से नाराज हूं मैं !!दिल को क्यों ?यह यकीन हो चुका है !!
अब इन परिस्थितियों से निकलने!! के लिए तैयार हो चुक� read more >>
ये जो है ये इश्क है क्या,
जिससे किया है वो इसके काबिल है क्या!
कहीं ऐैसा ना हो किसी मजधार मे तुम फस जाओ,
इश्क की राह में तुम हार जाओ!
फिर कि read more >>
दूर,एक जहाँ ,
चाहत का मन्दिर हो
मेरे हमसफ़र
दुनियाँ मे
ऐसी जगहाँ हो तो.
चलो .........
हम भी गुल मस्ती मे चलो।
कुछ जी आऐ
मिले स्वर्ग घरती का � read more >>