Sonu nayak Nayak 30 May 2026 शायरी अन्य जिंदगी,किस्मत, ख़्वाब 3104 0 Hindi :: हिंदी
निहारती रह गई निगाहें ख्वाबों को, कुछ अधूरी ख्वाइशें दफन कर दी,, सजोए थे कुछ ख्वाबों को बचपन में कमबख्त जवानी ने तबाह कर दिए।
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