संदीप कुमार सिंह 07 Jun 2026 शायरी प्यार-महोब्बत मेरी यह कविता प्यार =मोहब्बत पर आधारित है. अवश्य पढें साथियों. 491 0 Hindi :: हिंदी
स्वर्णिम जिक्र तुम्हारा होता, बिना तेल बाती खुशियों का, दिल में दीप प्रज्ज्वलित होता। खुद से बच कर कोई जाए भी तो कहां जाएगा, है ज़रूरी बहुत खुद की नज़रों में उठना खुद का । शामिल तुम्हारी याद दिल में आदत सी रह गई, ख़ामोश सी नज़र में शिकायत सी रह गई l (स्वरचित मौलिक ) संदीप कुमार सिंह*Author*
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....