मोती लाल साहु 25 Apr 2023 शायरी समाजिक वाणी में, आवेग जरा- चलवा दे तलवार कहीं, सोई वाणी में, मोहब्बत भर दे जरा, हर मसअला तय करा दे। 29203 0 Hindi :: हिंदी
वाणी में आवेग जरा दे- चलवा दे तलवार कहीं सोई वाणी में- मोहब्बत भर दे जरा, हर मसअला तय करा दे -मोती