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सच और झूठ के दरमियाँ

Trishika Srivastava 30 Mar 2023 शायरी प्यार-महोब्बत सच और झूठ के दरमियाँ / Sach Aur Jhooth Ke Darmiyaan 103725 0 Hindi :: हिंदी

सच और झूठ के दरमियाँ, मेरी ज़िंदगी उलझ कर रह गई
ताब में उन की ज़ुबाँ भी आज, जाने क्या-क्या मुझ से कह गई

— त्रिशिका श्रीवास्तव धरा, कानपुर 

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