Shiv Kishore 27 May 2023 शायरी समाजिक रोने लगी शराब हम तरस खा कर पी गए , हम तरस खाकर पी गए रोने लगी शराब, नशीली शायरी, शराबी भाइयों की शायरी सुरा शायरी 31035 0 Hindi :: हिंदी
रोने लगी शराब हम तरस खाकर पी गए , ग़म हुऐ दिल से जुदा हम मर गए थे जी गए ,पीता न गर, शराब दिल तार_ तार रहता___पी ली जब दो घूंट