MD SHAYEED ALAM 20 Dec 2025 शायरी समाजिक शायरी मोहम्मद सईद आलम 7363 0 Hindi :: हिंदी
पतझड़ के बाद बहार आता है, रात के बाद दिन आता है। नाकामयाबी से परेशान ना हो बंदे, दौर ए नाकामी के बाद ही, कामयाबी का तूफान आता है।।
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