Swami Ganganiya 06 Jun 2023 शायरी प्यार-महोब्बत Hindi Shayri 58448 0 Hindi :: हिंदी
मेरा नसीब हे वो जो मेरे इतने करीब हे वो। समझा मैं नही था उसे जैसा भी है, मेरा नसीब हे वो। ** ** ** ** था कितना ही बदसूरत वो। दिल का कितना ही खुबसूरत हे वो। चाहता हे वो कितना मुझे रोज इतना प्यार जताता न जाने कहा से लाता हे वो। ** ** ** ** इतने बडे जहान में मुझे ही क्यों चाहता हे वो। हे छोटा सा सक्स वो पर हर जगह मुझे ही क्यों नजर आता हे वो। ** *** ** *** ** मेरा नसीब हे वो। मेरे दिल के कितने करीब हे वो। देखता हूँ मैं जिसे हर जगह फिर भी मुझे ऐसा क्यो लगता हैं मुझसे ना जाने कितनी दूर हे वो। ** ** ** ** इतने बडे जहा में मुझे ही क्यों चाहता हे वो। मैं था छोटा अक्ष बडी धूरी बनाके,मुझे पुरे जहा मे घुमाता हे वो। *** **** *** **** ☘️ Swami Ganganiya ☘️