मोती लाल साहु 03 Jun 2023 शायरी समाजिक मैं हूं यहां उसी की स्जिंदगी है, मुक़द्दर जिसने दिया उसी की बंदगी है- जहान उसी की है- मैं उसी का हूं अगर कहीं जन्नत है- तो मैं जन्नत में हूं। 27018 0 Hindi :: हिंदी
मुक़द्दर- जिसने दिया, उसी की बंदगी है...! मैं हूं यहां- उसी की स्जिंदगी है...!! जहान उसी की है- मैं उसी का हूं अगर कहीं, जन्नत है तो मैं जन्नत में हूं...!!! -मोती