मोती लाल साहु 30 Mar 2023 शायरी समाजिक ये-दिलनशीं खनकती हंसी आपका ये-चेहरा कभी खयालों में आते हैं, तो गुज़र लेते हैं हम आपके शहर में कभी-कभी। 32704 0 Hindi :: हिंदी
कभी खयालों में आते हैं- तो गुज़र लेते हैं हम आपके, शहर में कभी-कभी ये-दिलनशीं खनकती, हंसी आपका ये-चेहरा दिलबाग कर जाते हैं- तो आते हैं हम आपके, शहर में कभी-कभी -मोती