मोती लाल साहु 25 Jun 2023 शायरी समाजिक #इतना इतराना-अच्छा नहीं, नजदीकियों में #कभी इतना दे जाते हैं गम- जिंदगी में, रिसता उम्र भर #नासूर बना जख्म। 32218 0 Hindi :: हिंदी
इतना इतराना- अच्छा नहीं नजदीकियों में,, कभी इतना दे- जाते हैं ग़म जिंदगी में, रिसता उम्र भर नासूर बना जख्म..!! -मोती