Danendra 03 May 2023 शायरी समाजिक मंजिल 41097 0 Hindi :: हिंदी
निराश होकर न बैठे रहो यारो, हौसलों को तोड़कर । तेरा समय आयेगा, तेरा मंजिल मिलेगा जागते रहो , हौसला को जोड़कर।।
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मुझे लगता है, हर इंसान के अंदर बहुत कुछ ...