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द्वंद-मन में न जाने क्यों बहुत द्वंद मचा है

Poonam Mishra 23 Jun 2023 शायरी समाजिक मन में हलचल 31679 0 Hindi :: हिंदी

मन ही मन में न जाने क्यों बहुत द्वंद मचा है मन कभी अपने बस में होता है तो कभी अपने मन की ही करता है

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