Poonam Mishra 30 Apr 2023 शायरी समाजिक कब मुलाकात हो 29629 0 Hindi :: हिंदी
न जाने दिल बार-बार क्यों ? कह रहा है !यदि आज के दिन न हम तुमसे बिछड़ गए ! तो शायद ही जिंदगी के ! किसी मोड़ पर ? मेरी तुमसे मुलाकात हो ? यदि मुलाकात होगी भी तो ऐसे मिलेंगे जैसे किताबों में सूखे फूल मिला करते हैं