मोती लाल साहु 06 Apr 2023 शायरी समाजिक अपनी-अपनी नजरिया है, मैं जब-जब देखता हूं यह दुनिया मुझे जन्नत नजर आती है। 29377 0 Hindi :: हिंदी
अपनी-अपनी नज़रिया है! वो जो हैं- लाजवाब होंगे जो देखते हैं मैं यह नहीं कहता- अपनी-अपनी नज़रिया है जब-जब मैं- देखता हूं यक़ीनन मुझे यह, दुनिया जन्नत नजर आती है अपनी-अपनी नज़रिया है! -मोती