Raj Ashok 30 May 2024 शायरी समाजिक आखिर हारी नहीं 33708 0 Hindi :: हिंदी
समझदार बहुत थी । अपनी मुश्किलों से वास्ता निकाल गई ।। लेती रही, जिंदगी इम्तिहान पे इम्तिहान पर ,वो आखिर ,हारी नहीं ....... अपनी मंजिल का रास्ता निकाल गई ।।
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Jai jai ho...