जटाओ से है जल प्रवाह जिनके मात् गंग का ; गले मे है जिनके हार विष भुजंग का ; डमट डमट डमट डमरू कह रहा शिवय शिवम् तरल अनल गगन पवन धरा धरा शिवा� read more >>
(शायरी)
(आज फिर दिल पर किसी ने दस्तक दी है,
मेरे ज़हन ने फिर न सुनने की हिदायत दी है।)
आज मेरे वर्षों से उदास पड़ा दिल ने खुशियां दी है,
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(दोहा छंद)
जरा जरा सी बात पर, हो जाता है खार।
संयम वाणी पर रखें, फिर होता है प्यार।।
जरा जरा सी बात पर, कर लें हम सब ध्यान।
दे सकते हैं सीख read more >>
(दोहा छंद)
पाप कर्म अब बढ़ रहे, उत्तर दायी कौन।
नशा जाल में है युवा, शासन फिर भी मौन।।
महंगाई नित ही बढ़े, उत्तर दायी कौन।
आम लोग में आज द read more >>
(मुक्तक छंद)
दिलकश बातें याद है,जादू है आवाज।
शब्द शहद सी मधुर है,करती है वह राज।
सूरत भी दिलकश उसे,सीरत में है साद_
लेकिन रहती दूर है, म� read more >>
(मुक्तक छंद)
मिलकर उससे मस्त हूं, जीवन बना बहार।
सुरभित अब मैं हो रहा, आपस में है प्यार।
मन पर करती राज है, उसमें मेरी आस_
नजर कभी भी मत हट� read more >>
गजल शेर लिखना कभी शौक हो ही नहीं सकता
बिना कारण के कोई बीमार हो ही नहीं सकता
अपने दर्द और अनुभव को याद कर वो लिख रहा है आज
लोगो को क्या प� read more >>
छग के जांजगीर-चांपा जिले के कहरा जाति के ग्राम करही व किकिरदा के करीब 25 परिवार के तीसरी-चौथी पीढ़ी के लोग आज भी सामाजिक बहिष्कार की सजा क� read more >>