Shubhashini singh 30 Mar 2023 कविताएँ अन्य Google /Yahoo/Bing /instagram/Facebook/twitter 69823 0 Hindi :: हिंदी
ज़िन्दगी कहां है तू ढूंढू तुझे हर जगह कभी सपनों में तो कभी ख्वाबों में ज़िन्दगी कहां है तू जिस जिंदगी की हम तलाश में है जिस जिंदगी के लिए खोए हम आज को है क्या पता कल ये जिंदगी ही हमसे खो जाए क्या पता जिसकी चाह आज है कल वो चाह बदली सी हो जाए तो क्यों न आज में जिए तो क्यों न आज में अपनी खुशी तराशे तो क्यों न आज में ही अपनी जिंदगी के हर लम्हे को जिए....