AAIDAN GOYAL 22 Jul 2023 कविताएँ अन्य Doctor / Jagdish/ WARD/hospital 40447 0 Hindi :: हिंदी
युद्ध के मैदान में मैं शस्त्रविहीन खड़ा हूं फिर भी अनदेखे दुश्मन से लड़ने की जिद्द पर अड़ा हूं तुम्हे बचाने की कोशिश में मैं जी जान से लगा हूं तुम्हें छोड़ घर जा नहीं सकता इसी लिए रात रात जगा हूं कर्त्तव्यपथ पर अडिग खड़ा हूं अरे! संजय बेड नम्बर दो की ड्रिप नही चल रहीं अरे! मोहित तीन नम्बर वाले की पल्स नहीं मिल रही अरे सात वाले को ऑक्सीजन लगाओ भाग-भाग कर भी नहीं थका हूं छोड़ कर सब कुछ यहीं चौबीस घंटे जान को जोखिम में रखकर जिंदगी और मौत के बीच खड़ा हूं