Vipin Bansal 19 May 2023 कविताएँ समाजिक 29799 0 Hindi :: हिंदी
🌟 कविता = ( यह दुनियाँ है बाज़ार ) यह दुनियाँ है बाज़ार ! यह दुनियाँ है बाज़ार !! यहाँ बाप बड़ा न भईया ! यहाँ सबसे बड़ा रूपइया !! बस पैसे की भाषा ! जाने यह संसार !! यह दुनियाँ है बाज़ार ! यह दुनियाँ है बाज़ार !! यहाँ पैसा ही सब कुछ ! यहाँ पैसा ही भगवान !! यहाँ आहें भी बेकार ! यहाँ आँसू भी बेकार !! इस पैसे के आगे ! ममता गई है हार !! यह दुनियाँ है बाज़ार ! यह दुनियाँ है बाज़ार !! अंधी दौड़ में दौड़ रहा ! यहाँ देखो संसार !! यहाँ ख़ालिस कुछ नहीं ! सब नक़ली है सामान !! दिखावे की राह चली ! देखो भीड़ अपार !! यह दुनियाँ है बाज़ार ! यह दुनियाँ है बाज़ार !! इच्छाओं का क़द बड़ा ! रोग हुआ विकराल !! इच्छाओं की दरार पड़ी ! टूटे घर परिवार !! रिश्तों की मत बात करो ! यहाँ रिश्ते भी व्यापार !! यह दुनियाँ है बाज़ार ! यह दुनियाँ है बाज़ार !! इच्छाएँ जब-जब बड़ी ! हुआ घोर विनाश !! कुरुक्षेत्र तक ले आई ! यह इच्छाओं की प्यास !! फिर से वही विनाश ! इच्छाएँ बैठी द्वार !! यह दुनियाँ है बाज़ार ! यह दुनियाँ है बाज़ार !! विपिन बंसल