Sudhir Bamola 28 Jan 2025 ग़ज़ल प्यार-महोब्बत #sahitya#Ghazal#poetry#poms#quote#hindi 65999 0 Hindi :: हिंदी
आसमाँ में चाँद आधा रह गया। वो भी तन्हा मैं भी तन्हा रह गया।। मुफ़लिसी में छोड़ सब मुझको चले। साथ यादों का फ़साना रह गया।। बेसबब चलता रहा मैं उम्र भर। रास्तों में मैं भटकता रह गया।। ख़्वाहिशें मुझको लुभाती ही रहीं। मैं उन्हीं में यार उलझा रह गया।। ख़्वाब था कुछ कर गुजरने का मगर। ख़्वाब भी मेरा अधूरा रह गया।। ज़िन्दगी तूने लिखी कैसी ग़ज़ल। काफ़िया लिक्खा न मिसरा रह गया।। सुधीर बमोला