मोती लाल साहु 19 May 2026 कविताएँ अन्य #मोती_की_कलम_से #गहरी_बातें #जीवन_का_सत्य #वक्त_और_ज़िन्दगी #हिंदी_कविता #HindiPoetry #LifePhilosophy #TimeFlies #DeepThoughts #ShayariLovers #Kavita #KaviSammelan 4379 0 Hindi :: हिंदी
"ये दिन-रात गुज़र रहे, वक्त पल-पल गुज़र रहे, देख जीवन की ये अनोखी लीला, ये तो बस श्वासों में गुज़र रहे! न कुछ ठहरता है यहाँ, न कुछ रुकता है, वक्त की नदी के आगे, हर कोई झुकता है। मुट्ठी से फिसलती रेत है ये ज़िन्दगी, जिसे हम जीना कहते हैं, वो पल-पल घटता है।" — मोती