Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

वक़्त रहते बदल जा....

Meenakshi Tyagi 27 Mar 2026 कविताएँ अन्य Aruna, pooja, shivani 9846 0 Hindi :: हिंदी

कद्र ना की जिसने वक़्त की आज
क्या वक़्त भी कल उसकी कद्र कर पायेगा 
ये तो विधि का विधान है, इसे कौन बदल सकता है?
कि जैसा बीज बोएगा तू, वैसा ही फल पायेगा।।
संभाला नहीं है जो अभी वक़्त रहते,
एक दिन ये वक़्त उसे इस तरह गिराएगा।।
कि उठने की लाख कोशिशें हो फिर,
वक़्त तो उसे बस रौंदकर ही जायेगा।।
सम्भल जा वक़्त रहते हुए ए मुसाफिर,
वरना इस आणि जानी दुनिया में, तेरा भी पता न पायेगा।।

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: