Anilkumar Rathwa (Sameer) 14 Oct 2025 कविताएँ समाजिक "वक्त का सबक" 28263 0 Hindi :: हिंदी
जब ज़िन्दगी मुस्कुराना भूल जाती है, और उम्मीदों की लौ भी डगमगाने लगती है, तब समझो, वक्त तुम्हें परखने आया है, तेरी हिम्मत और तेरे इरादे आज़माने आया है। हर कोई साथ छोड़ देता है उस घड़ी, जब तू गिरता है, पर उठ नहीं पाता। पर याद रख, वही गिरना तो सिखाता है, कि अगली बार ज़िन्दगी कैसे संभालनी है, ये बताता है। बुरा वक्त तेरा दुश्मन नहीं होता, वो तेरे भीतर का योद्धा जगाता है। तू जब आँसुओं को पीकर मुस्कुराता है, तो अच्छा वक्त खुद चलकर तेरे दरवाज़े तक आता है। जो कांटों पर चला हो नंगे पाँव, उसी के हिस्से में फूलों का बाग़ आता है। जो अंधेरों में भी उम्मीद की किरण खोज ले, उसी के जीवन में सूरज उजाला लाता है। इसलिए ए दोस्त, जब हालात तुझसे लड़ाई करें, तो घबराना मत — यही तो तेरी उड़ान की तैयारी करें। अच्छे वक्त को देखने से पहले, हर किसी को बुरे वक्त से गुज़रना पड़ता है। क्योंकि जो रात सबसे अंधेरी होती है, उसी के बाद सुबह सबसे सुनहरी होती है।