Official Arjun Panchariya 30 Mar 2023 कविताएँ बाल-साहित्य Pandit4517_ 75413 0 Hindi :: हिंदी
थमने लगी हो आंखें तेरी, चाहे धीमी हो रफ्तार, उजड़ रही हो सांसे तेरी, दिल करता हो चीत्कार, तुम दोस विधाता को ना देना, मन में रखना यह बात, रण में विजय बनता वही, जिसके पास हो आत्मविश्वास।।
Hi! I'm Arjun Sharma, I'm from Sindhu I'm 16 years old. [ I'm early 20 years old] I am [I'm] pursuin...