Maushami 18 May 2023 कविताएँ दुःखद आँसू #उम्मीद # दर्द# आंख 12393 0 Hindi :: हिंदी
तनहाई के आगे मन का गहरा दर्द छलने लगीं। आँसू बन आंख आँख से बहने लगीं। कभी ना रोक सकी उन्हें हालात की लहरें, कई कुरेदे जख्म जो गहरे। हर बार जब एक आँख से टपकता है ये बह, दिल में बसी तन्हाई की आग बढ़ा जाता है रह रह। ये आँसू छुपे अंदर से एक कहानी सुनाते हैं, वो अल्फाज़ जो बयां करने को होठों पर नहीं होते हैं। ख्वाहिशों की बगियाँ रूह में जलती हैं, और ये आँसू उस जलती हुई बागीचे को सीने से बहा देते हैं। खुशियाँ अगर बहती हैं आँखों की उम्मीद से, तो दर्द भी इन आँसुओं की एक मुद्रा होती है। जो न बयां कर पाए लफ़्ज़ों में वो बातें, उन्हें ये आँसू दिखा देते हैं अपने रूप में। खुद को खो बैठते हैं इन आँसुओं में, हर एक आँसू में बसा हुआ एक ख्वाब होता है। ये आँसू रंगीन होते हैं अपनी आवाज़ में, मुस्कानों की गहराई को उनके आंसुओं में पाया है।