Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

सोंचता हूॅं कुछ बड़ा कर लूं

Rambriksh Bahadurpuri 20 Sep 2026 कविताएँ समाजिक # सोंचता हूॅं कुछ बड़ा कर लूं कविता#सोंचता हूॅं कुछ बड़ा कर लूं सामाजिक मानवतावादी कविता #कवि रामवृक्ष बहादुरपुरी#रामवृक्ष बहादुर पुरी अम्बेडकरनगर उत्तर प्रदेश #अम्बेडकर नगर पोइट्री साहित्यिक मंच 7705 0 Hindi :: हिंदी

कुछ बड़ा कर लूं 

सोचता हूॅं!
जिंदगी में 
कुछ बड़ा कर लूं 
बूंद बूंद ही सही  
घड़ा भर लूं। 

चल पड़ी जिंदगी 
बढ़ चला मैं 
शादी हुई 
बच्चे हुए 
सोंचा!
पहले 
बच्चों को खड़ा कर लूं,
सोचता हूॅं!
जिंदगी में 
कुछ बड़ा कर लूं। 

बढ़ती जिंदगी की
गति धीमी हुई 
सपने बढ़े 
सोंचा 
धन दौलत 
सम्पत्ति सम्पदा 
तो जमा कर लूं 
सोचता हूॅं!
जिंदगी में 
कुछ बड़ा कर लूं। 

चलते-चलते 
थम गयी जिंदगी 
बंद हो गयी आंखें 
टूटे गये सपनें 
हाथ खाली 
देखते देखते 
सब राख हो गये
मैं भी सपने भी
बच्चे बोले
क्रियाक्रम से पहले
धन बटवरा कर लूं 
सोचता हूॅं!
जिंदगी में 
कुछ बड़ा कर लूं। 

रामवृक्ष बहादुरपुरी 
अम्बेडकरनगर उत्तर प्रदेश 
9721244478

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: