Neetesh Shakya 30 Mar 2023 कविताएँ बाल-साहित्य #लोहरी #लोरी #नीतेशशाक्य #niteshshakya #neeteshshakya bacchon ke Kavita 46245 0 Hindi :: हिंदी
सो जाओ किटू परी ये कहे अजनबी। आज से सताएंगे फिर ना कभी। यह नहीं कि हम, भूल जाऊं तुम्हें। तुम जहां भी रहो वहां पाओगी हमें। सताना तुम ही को आता मुझे। जब तुम ही नहीं तो सताऊं किसे। न बहाना आंसू मेरे नबी। आज से सताएंगे फिर ना कभी।
CSC Employee, Cyber Crime Work 💔टूटे हुए सपनों को बनान�...